उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने सैनिटाइजर की बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कदम उठाया है। सरकार अशैंशल कमोडिटी एक्ट 1955 के तहत अल्कोहल से बनने वाले हैंड सैनिटाइजर के प्रोडक्शन, कीमत, डिस्ट्रीब्यूशन और क्वॉलिटी को रेग्यूलेट करेगी। जिससे सैनिटाइजर उसी दाम में बेजा जाएं, जो 5 मार्च 2020 तक थे।
सरकार सस्ती दर पर उपलब्ध कराएगी सैनिटाइजर
सरकार ने 30 जून 2020 तक अल्कोहल वाले सैनिटाइजर के दाम नहीं बढाने का आदेश दिया है। नियम के तहत सैनिटाइजर की कालाबाजारी करने या उपलब्धता प्रभावित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने राज्यों से कहा कि सैनिटाइजर बनाने वालों को आबकारी का लाइसेंस दिया जाए। सरकार ने यह भी कहा कि वह कीमत नहीं बढ़ने देगी और सैनिटाइजर को सस्ती दर पर उपलब्ध कराएगी।
सैनिटाइजर की कीमत में तेज उछाल
कोरोना वायरस के बढ्ते प्रकोप के बाद हैंड सैनिटाइजर की खपत कई गुना बढ़ गई। अल्कोहल की कीमत 75 रुपए लीटर के मुकाबले 200 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ गई। कज्यूमर मिनिस्ट्री की मानें, तो इससे हैंड सैनिटाइर्स की भी कीमतें बढ़ गई।